#दर्द शायरी
हिन्दी
अंधेरा कमरा
“
चार दीवारों के बीच खुद को कैद कर लिया, दुनिया की भीड़ से हमने यूं किनारा कर लिया। अब तो अंधेरा ही हमारा हमदर्द बन गया है, उजाले से तो हमने सदियों का नाता तोड़ लिया।
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