#लव शायरी
हिन्दी
✍️ रचयिता:
मिर्ज़ा ग़ालिब
बिना नाम की मोहब्बत
“
तेरे आने से पहले भी शाम थी,
पर रोशनी अब नाम लेकर आती है।
पर रोशनी अब नाम लेकर आती है।
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