पत्थर की लकीर
हमारी जुबान और हमारे उसूल पत्थर की लकीर हैं,
बदलते वक्त के साथ हम अपने इरादे नहीं बदलते।
जो एक बार दिल से उतर गया,
फिर वो हमारी नजरों में दोबारा नहीं चढ़ता।
बदलते वक्त के साथ हम अपने इरादे नहीं बदलते।
जो एक बार दिल से उतर गया,
फिर वो हमारी नजरों में दोबारा नहीं चढ़ता।
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