एक साधारण दीपक का संकल्प
अंधेरे कमरे के एक कोने में रखे छोटे से मिट्टी के दीपक ने एक रात आसमान के तारों से कहा कि तुम बहुत भाग्यशाली हो जो पूरे ब्रह्मांड को रोशन करते हो। मेरा प्रकाश तो केवल इस छोटे से कमरे के एक कोने तक ही सीमित है। तब एक समझदार तारे ने मुस्कुराते हुए कहा कि तुम्हारा सोचना गलत है। हम आसमान में जरूर हैं, लेकिन किसी के अंधेरे को दूर नहीं कर सकते। तुम्हारी एक छोटी सी लौ इस पूरे कमरे के अंधकार को मिटाने की क्षमता रखती है। तुम छोटे जरूर हो, लेकिन तुम्हारा प्रभाव बहुत बड़ा है। यह सुनकर दीपक का आत्मविश्वास लौट आया और उसने पूरी शिद्दत से जलना शुरू कर दिया। यह कहानी हमें बताती है कि आपका दायरा भले ही छोटा हो, लेकिन आपका योगदान समाज के लिए अनमोल हो सकता है।
0