बेवजह की उम्मीद
तुझसे कोई गिला ना कोई शिकवा रहा, बस खुद से ही एक पुराना झगड़ा रहा। हर बार चाहा कि भूल जाएं तुझे, पर दिल हर बार तेरी ओर मुड़ता रहा।
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