लोहे की पुरानी जंजीर
एक पुराने कारखाने के कोने में लोहे की एक भारी और जंग लगी जंजीर पड़ी थी, जिसे सबने बेकार मानकर छोड़ दिया था। एक दिन एक नया वेल्डर उस कारखाने में आया और उसने उस जंग लगी जंजीर को देखकर एक नया सपना देखा। उसने उसे पिघलाया, साफ किया और उससे एक मजबूत और सुंदर गेट के लिए कलात्मक डिजाइन तैयार कर दिया। जो जंजीर कल तक कचरे का ढेर लग रही थी, वह अब कारखाने की शान बन चुकी थी। इस बदलाव ने वहाँ काम करने वाले सभी मजदूरों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि पुरानी परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, यदि सुधारने का इरादा पक्का हो तो कुछ भी नया और बेहतर बनाया जा सकता है।
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