धीमे कदम मगर पक्के
रफ्तार धीमी हो तो कोई गम नहीं, लगातार चलने वाले कभी कम नहीं। जो हर रोज थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ता है, वही एक दिन शिखर पर नजर आता है।
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