श ShayariForYou
लक्ष्य भेद

लक्ष्य भेद

“
नजर सिर्फ अपनी मंजिल पर होनी चाहिए, हवाएं कितनी भी तेज हों, दिया अपनी रौशनी बिखेर ही देता है।
”
👁️ 2 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

पाठकों की टिप्पणियाँ (Comments)

अभी कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुई है। पहले पाठक बनकर अपनी राय दें!

टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें।

संबंधित रचनाएँ (Related)

रफ़्तार और दिशा

तेज भागने से ज्यादा जरूरी सही दिशा में कदम बढ़ाना है, ठोकरों से घबराकर नहीं बल्कि संभलकर आगे जाना है। जीत उन्हीं की होती है अंत में, जिनका हर एक इरादा बहुत पुराना है।
👁️ 3

अन्य लोकप्रिय संग्रह

सामग्री रिपोर्ट करें