रफ़्तार और दिशा

रफ़्तार और दिशा

“
तेज भागने से ज्यादा जरूरी सही दिशा में कदम बढ़ाना है, ठोकरों से घबराकर नहीं बल्कि संभलकर आगे जाना है। जीत उन्हीं की होती है अंत में, जिनका हर एक इरादा बहुत पुराना है।
👁️ 3 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

टिप्पणियाँ

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।

लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।

संबंधित शायरी (Related Shayari)

मेहनत की खुशबू

पन्नों पर बिखरी स्याही और माथे का पसीना, यही है इंसान की असली और सच्ची पूंजी। जो इन दोनों को अपना हथियार बना ले, उसके लिए दुनिया में कुछ भी नहीं है दूजी।