श ShayariForYou
जीत की प्यास

जीत की प्यास

“
जब तक सीने में जीत की आग नहीं जलेगी, तब तक रातों की नींद और दिन का चैन नहीं छूटेगा। सफलता मांगने से नहीं, बल्कि उसकी जिद करने से मिलती है।
”
👁️ 4 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

पाठकों की टिप्पणियाँ (Comments)

अभी कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुई है। पहले पाठक बनकर अपनी राय दें!

टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें।

संबंधित रचनाएँ (Related)

रफ़्तार और दिशा

तेज भागने से ज्यादा जरूरी सही दिशा में कदम बढ़ाना है, ठोकरों से घबराकर नहीं बल्कि संभलकर आगे जाना है। जीत उन्हीं की होती है अंत में, जिनका हर एक इरादा बहुत पुराना है।
👁️ 3

अन्य लोकप्रिय संग्रह

सामग्री रिपोर्ट करें