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सफलता की सीढ़ियां

सफलता की सीढ़ियां

“
अरे नादान, असफलताओं से क्यों डरता है तू, ये तो सफलता की पहली सीढ़ियां हैं। गिरकर संभलना ही तो असली जिंदगी है, जो इनसे सीखे वही विजेता बनता है।
”
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