श ShayariForYou
कदमों के निशान

कदमों के निशान

“
राहों में कांटे हों तो क्या घबराना, इन कांटों से ही तो है सीख पाना। जो गिरकर संभलना जानते हैं यारों, वही इतिहास नया है बनाना जानते।
”
👁️ 3 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

पाठकों की टिप्पणियाँ (Comments)

अभी कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुई है। पहले पाठक बनकर अपनी राय दें!

टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें।

संबंधित रचनाएँ (Related)

मन का सुकून

शिकायतें छोड़कर शुक्राना करना सीखो, जीवन का हर पल एक खूबसूरत तोहफा है। जो मिला है उसे प्यार से अपनाओ, यही जीने का सबसे अच्छा तरीका है।
👁️ 0

अन्य लोकप्रिय संग्रह

सामग्री रिपोर्ट करें