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कर्म का सौंदर्य

कर्म का सौंदर्य

“
फल की चिंता किए बिना बस कर्म करते जाओ, नेकी के रास्ते पर हमेशा आगे बढ़ते जाओ। खुदा भी देखता है तुम्हारी सच्ची मेहनत को रोज, वो रंग जरूर लाएगा तुम्हारा हर एक भोज।
”
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किस्मत के भरोसे जो बैठे रहते हैं, उनके हाथ हमेशा खाली ही रहते हैं। मेहनत का दीप जलाओ अपने हाथों से, अंधेरे भी खुद-ब-खुद रास्ता देते हैं।
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