संघर्ष का मोल

संघर्ष का मोल

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बिना पसीने के कोई ताज नहीं मिलता, बिना रोए किसी को राज नहीं मिलता। जो तपकता है आग में तिनका-तिनका, वही शख्स हीरा बनकर दुनिया में खिलता है।
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