छोटे कदम
छोटे कदमों वाली कहानी आज फिर सुनाओ।
बड़े उपदेश की ज़रूरत नहीं।
बड़े उपदेश की ज़रूरत नहीं।
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आधी रात के उत्सव के लिए कोमल बात।