#नैतिक कहानी
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सच्चे दोस्त की परीक्षा
“
एक शांत वन में रोहन और सोहन नाम के दो गहरे मित्र रहते थे। दोनों हर संकट में एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाते थे। एक बार वे दोनों लंबी यात्रा पर निकले। रास्ते में अचानक एक भूखा भालू उनकी तरफ आ गया। रोहन बिना सोचे-समझे तुरंत पास के एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन सोहन को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। सोहन ने जमीन पर लेटकर अपनी सांसें रोक लीं, क्योंकि उसने सुन रखा था कि भालू मरे हुए इंसानों को नहीं खाता। भालू सोहन के पास आया, सूंघा और चला गया। जब संकट टला, तो रोहन पेड़ से उतरा और हँसते हुए पूछा कि भालू ने उसके कान में क्या कहा। सोहन ने दुखी मन से उत्तर दिया कि भालू ने कहा सच्चा मित्र वही है जो संकट के समय अपने साथी का साथ कभी नहीं छोड़ता। इस घटना ने रोहन को उसकी गलती का अहसास कराया।
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