#नैतिक कहानी
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लोभी व्यापारी और जादुई पेड़
“
एक छोटे से गाँव में मदन नाम का एक लालची व्यापारी रहता था। उसके पास धन की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसकी तृष्णा कभी शांत नहीं होती थी। एक दिन जंगल में घूमते हुए उसे एक अद्भुत फलदार पेड़ मिला, जिसके पत्ते सोने के थे। पेड़ ने कहा कि वह एक दिन में केवल तीन पत्ते ही ले सकता है। मदन ने पहले तो नियम का पालन किया, पर अगले ही दिन उसका लालच बढ़ गया। उसने एक साथ सारे पत्ते तोड़ने की कोशिश की। जैसे ही उसने पेड़ को झटका दिया, सारे सोने के पत्ते मिट्टी में बदलकर राख हो गए और पेड़ हमेशा के लिए अदृश्य हो गया। मदन हाथ मलता रह गया। इस घटना ने उसे सिखाया कि अत्यधिक लालच मनुष्य को सब कुछ खोने पर मजबूर कर देता है और संतोष ही जीवन का असली धन है।
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