#नैतिक कहानी
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मेहनत का सही फल
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एक छोटे से गाँव में सोहन नाम का एक आलसी युवक रहता था। वह हमेशा शॉर्टकट की तलाश में रहता था ताकि बिना मेहनत के अमीर बन सके। एक दिन उसे एक पुराने साधु मिले जिन्होंने उसे एक जादुई बीज दिया। साधु ने कहा कि इसे बोने से सोने का पौधा उगेगा, बशर्ते इसे हर रोज सुबह उठकर शुद्ध जल से सींचा जाए और इसके सामने कोई नकारात्मक बात न बोली जाए। सोहन ने उत्साह में आकर बीज बो दिया और रोज पानी देने लगा। कुछ दिन बीते लेकिन पौधे की जगह केवल हरी पत्तियां ही निकलीं। निराश होकर सोहन साधु के पास पहुँचा और शिकायत की कि बीज नकली है। साधु ने मुस्कुराते हुए कहा कि बीज असली था, लेकिन सोने का मतलब उसकी मेहनत का सोना बनना था। उस नियमित दिनचर्या और सुबह जल्दी उठने की आदत ने सोहन को मेहनती और सफल बना दिया। सोहन समझ गया कि असली सोना परिश्रम ही है।
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