#प्रेम कहानी
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चाय और पुरानी डायरी
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सर्दियों की एक शांत सुबह जब रिया अपने पुराने बक्से को साफ कर रही थी, तब उसे कॉलेज के दिनों की एक भूली-बिसरी डायरी मिली। पन्ने पलटने पर उसमें सूखे हुए गुलाब के फूल और राघव के हाथ की कुछ अनकही कविताएँ नजर आईं। कई साल पहले गलतफहमियों के कारण दोनों अलग हो गए थे और शहर छूट गए थे। उस डायरी ने पुरानी यादों को ताजा कर दिया। रिया ने बिना सोचे-समझे राघव के पुराने नंबर पर एक संदेश भेज दिया। कुछ ही मिनटों बाद फोन की घंटी बजी और दूसरी तरफ राघव की वही जानी-पहचानी आवाज गूंजी। उस एक फोन कॉल ने वर्षों की दूरी को पलभर में मिटा दिया और दोनों ने फिर से मिलने का फैसला किया।
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