#प्रेम कहानी
हिन्दी
बारिश का पता
“
रिया ने अरुण को भीगते हुए इसलिए नहीं पुकारा कि वह छाता लाए। उसने पुकारा क्योंकि बारिश में अरुण का नाम लेना उसे घर जैसा लगता था। अरुण छाता भूल आया, पर दो स्टूल छत के नीचे खिसका दिए। कहानी वहीं पूरी हुई, जहाँ दोनों ने एक ही दिशा में पानी गिरते देखा।
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