#प्रेरणादायक कहानी
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अंधेरे कमरे में रखा एक दिया
“
एक पुराने खंडहर जैसे घर में रहने वाले वृद्ध मोहन ने हर शाम एक छोटा सा दिया जलाने का नियम बनाया था। हवा के तेज झोंके उसे बुझाने की कोशिश करते, लेकिन वह हर बार उसे बचा लेता था। पड़ोसियों ने उससे पूछा कि इस सुनसान और अंधेरे घर में इस एक दीये से क्या फर्क पड़ता है? मोहन ने मुस्कुराकर कहा कि यह दीया पूरे घर को रोशन न सही, लेकिन मुझे रास्ता दिखाने के लिए काफी है और यही उम्मीद मुझे जिंदा रखती है। कुछ दिनों बाद, उस रास्ते से गुजरने वाले कई मुसाफिरों ने उस रोशनी को देखकर अपना सही रास्ता पा लिया।
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