अक्खड़ मिजाज
हम अपने उसूलों पर जीते हैं जनाब,
भीड़ का हिस्सा बनना हमारी फितरत नहीं,
जो समझता है हमें वो खास है हमारे लिए,
बाकी दुनिया से हमें कोई शिकायत नहीं।
भीड़ का हिस्सा बनना हमारी फितरत नहीं,
जो समझता है हमें वो खास है हमारे लिए,
बाकी दुनिया से हमें कोई शिकायत नहीं।
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