फरिश्तों का साया

फरिश्तों का साया

“
मुसीबत के वक्त जो बिना बुलाए आ जाए, पीठ पीछे जो हमेशा हमारी ढाल बन जाए। ऐसे दोस्तों को फरिश्ता ही कहना चाहिए यारों, जो हर मोड़ पर दुआओं की मिसाल बन जाए।
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