खुशियों का मेला

खुशियों का मेला

“
जहां दोस्तों का जमावड़ा होता है, वहां हर गम का पहरा अधूरा होता है। हंसाते-हंसाते रुला दे जो शख्स महफिल में, ऐसा यार ही जिंदगी का असली सवेरा होता है।
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