Shayari

दोस्ती शायरी

पुरानी दोस्ती और नई हँसी के लिए।

📖 50 रचनाएँ

साए की तरह

हर मुश्किल मोड़ पर जो साथ निभाए, ऐसा यार खुदा हर किसी को दिलाए। धूप हो या छांव का सफर हो कोई, वो साए की तरह हमेशा पास आ जाए।

अक्सर खामोशियां

लफ्जों की जरूरत हमें कहां पड़ती है, हमारी तो खामोशियां भी आपस में बातें करती हैं। वक्त कोई भी हो इस दौर में, तेरी यारी पर आंखें बंद करके यकीन करती हैं।

साझा दुआएं

खुदा से क्या मांगू तेरे बिना, मेरी हर दुआ में तेरा ही नाम होता है। दुनिया रूठ जाए तो कोई गम नहीं, बस यार तेरा साथ मेरे लिए तमाम होता है।

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इस संग्रह की सबसे पढ़ी रचनाएँ

सच्ची दोस्ती

फूलो की खुशबू हवा को महका जाती है, आपकी याद दिल को बहका जाती है, सफर चाहे कितना भी लंबा हो जिंदगी का, साथ आपका हर मुश्किल आसान बना जाती है।

बिन बोले की बात

लफ्जों की जरूरत किसे है यहां, तेरी खामोशी भी हम पढ़ लेते हैं। दुनिया लाख रूठे हमसे क्या फर्क पड़ता है, हम तो बस तुम्हारी यारी में जी लेते हैं।

कांटों पर चलना

कांटों भरे रास्ते पर भी फूल खिल जाएंगे, अगर हमारे साथ हमारे यार आ जाएंगे। दुनिया की परवाह किसे है ऐ दोस्त, तू कहे तो हम आसमान से तारे ले आएंगे।