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खुशियों की महक

खुशियों की महक

“
फूलों की तरह मुस्कुराना सीख लो, कांटों के बीच भी खिल जाना सीख लो। गम की रात चाहे कितनी भी लंबी हो, सुबह की किरण सा जगमगाना सीख लो।
”
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