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सोच और दिशा

सोच और दिशा

“
हवाएं कभी किसी की दिशा देखकर नहीं चलतीं, हमे खुद अपनी कश्ती का रुख तय करना होता है। सही सोच और पक्का इरादा हर तूफ़ान को हरा देता है।
”
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