#दोस्ती शायरी
हिन्दी
सूरज की किरण
“
रात चाहे कितनी भी काली क्यों न हो, एक नई सुबह का सूरज जरूर आता है। वैसे ही हमारे जीवन के अंधेरे को हटाने, मेरा यार हमेशा दौड़ा चला आता है।
”
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