#दोस्ती शायरी
हिन्दी
धीमी सी आहट
“
दरवाजे पर दस्तक किसी की जो हुई, लगा मेरा यार मुझे मिलने आया है। बरसों की जुदाई का दर्द पल में मिटा, देखो आज फिर से अपनापन लौट आया है।
”
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