#प्रेम कहानी
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नीले आसमान के नीचे
“
पहाड़ियों की ढलान पर बसा छोटा सा गाँव अपनी शांत फिज़ाओं के लिए जाना जाता था। यहीं कबीर और मीरा की बचपन की दोस्ती प्यार में तब्दील हुई थी। कबीर एक चित्रकार था जो रंगों के ज़रिए अपनी भावनाएं व्यक्त करता था, और मीरा गाँव के स्कूल में बच्चों को संगीत सिखाती थी। दोनों का जीवन बड़ा सहज चल रहा था, तभी कबीर को एक राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी से बड़ा बुलावा आया। शहर की चकाचौंध और सफलता ने कबीर को धीरे-धीरे अपनी जड़ों से दूर करना शुरू कर दिया। मीरा ने महसूस किया कि कबीर उसकी दुनिया से बहुत आगे निकल रहा है और उसने अपने कदम पीछे खींच लिए। एक दिन कबीर ने अपनी सबसे बड़ी पेंटिंग पूरी की और उसे लेकर सीधे मीरा के पास गाँव लौट आया। उस कैनवास पर शहर की कोई चमक नहीं थी, बल्कि गाँव का वही नीला आसमान और मीरा की मुस्कुराती हुई आकृति थी। कबीर समझ चुका था कि असली सुकून शोहरत में नहीं, बल्कि अपनों के साथ में है। मीरा की आँखें नम हो गईं और दोनों ने कभी न अलग होने का फैसला किया।
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