#डरावनी कहानी
हिन्दी
रेगिस्तान की सूखी बालू में दबा राज़
“
जैसलमेर की सुनसान बालू पर जब रात गहरी होती है, तो रेत के टीलों से कदमों की आहट सुनाई देती है। सोहन एक फोटोग्राफर था जो रेगिस्तान की खूबसूरती कैद करने गया था। उसने शाम ढलते ही एक प्राचीन खंडहर के पास अपना कैंप लगाया। रात के सन्नाटे में उसे लगा कि कोई तंबू के बाहर मदद मांग रहा है। जब सोहन ने बाहर झांक कर देखा, तो वहां कोई नहीं था, केवल हवा के साथ उड़ती हुई रेत थी। अचानक, रेत के भीतर से एक कंकाल बाहर निकला और उसका हाथ पकड़ लिया। डर के मारे सोहन बेहोश हो गया। सुबह जब स्थानीय लोग उसे होश में लाए, तो उसने देखा कि उसकी कलाई पर वही सदियों पुराना कंगन बंधा था जो उस कंकाल के हाथ में था।
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