सफर-ए-इश्क़

सफर-ए-इश्क़

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हाथों में हाथ तुम्हारा जो मिल जाए, वीरान रास्ते भी गुलजार हो जाएं। सफर यह जिंदगी का सुहाना लगे, अगर तुम हर कदम पर साथ निभाओ।
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खामोश मोहब्बत

तुम्हारी पलकों की छांव में जो सुकून मिलता है, वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलता। खामोश रहकर भी तुम बहुत कुछ कह जाते हो, दिल इस अदा पर तुम पर ही फिदा रहता है।

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रात के सन्नाटे में जब तेरी याद आती है, चाँदनी भी मुझे तुझसे मिलाने आ जाती है। हर ख्वाब में बस तेरा ही चेहरा नजर आता है, और ये दिल मुस्कुराता है।

नैनों का सफर

तेरी आँखों में डूब जाने को जी चाहता है, इन गहराइयों में खो जाने को जी चाहता है। तू पास हो तो वक्त ठहर सा जाता है, तुझसे ही हर सुबह और हर शाम सजाना है।