तन्हाई का साथी

तन्हाई का साथी

“
अंधेरी रातों में उम्मीद का दिया जलाता है, मेरा यार हर गम को मुझसे दूर भगाता है। खुदा से क्या मांगूं मैं इसके सिवा, यह दोस्त हर दुआ में याद आता है।
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