#एटिट्यूड शायरी
हिन्दी
बेपरवाह फितरत
“
लोग क्या कहेंगे इस बात की परवाह हमने कभी की ही नहीं। अपनी धुन में जीना और जीतना ही हमारा मकसद है।
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