बेखौफ इरादे

बेखौफ इरादे

“
तूफानों से टकराने का हुनर रखते हैं, हम अपने दम पर आगे बढ़ने का जिगर रखते हैं। परछाइयों से डरना हमारी आदत नहीं, हम तो रोशनी बनकर जीने का दम रखते हैं।
👁️ 1 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

टिप्पणियाँ

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।

लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।

संबंधित शायरी (Related Shayari)

अलग अंदाज

भीड़ का हिस्सा बनना हमारी फितरत नहीं, हम अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं। लोग जलते हैं हमारी कामयाबी से, क्योंकि हम हर बाजी अपने दम पर जीत जाते हैं।

अकड़ और शान

ताज की ख्वाइश किसे है यारो, हम तो अपने उसूलों के बादशाह हैं। झुकाना तो हमारी फितरत में ही नहीं, हम तो अपनी ही धुन में मस्त और आजाद हैं।

तेवर की आग

हम जलते हैं तो दुनिया रौशन होती है, हमारी राहों में हर मुश्किल बेदम होती है। लोग कहते हैं हमें गुरूर बहुत है, पर हमारी शख्सियत ही कुछ ऐसी खास होती है।