मेहनत का सिला

मेहनत का सिला

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रात की खामोशी में जो मेहनत करते हैं, सूरज बनकर वही आसमान पर चमकते हैं। पसीने की एक-एक बूंद का हिसाब चुकाएगी यह दुनिया।
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