जिद्दी इरादे

जिद्दी इरादे

“
आंधियां लाख चलाएं राहों में, दिया बुझाने की साजिशें तमाम हों। जिद हो अगर सीने में कुछ कर दिखाने की, तो हवाएं भी खुद रास्तालाम हों।
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