बदलाव की लहर

बदलाव की लहर

“
कल क्या था इसे भूल जाओ, आज की मेहनत से अपने आने वाले कल को सुनहरा बनाओ।
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किस्मत के भरोसे जो बैठे रहते हैं, उनके हाथ हमेशा खाली ही रहते हैं। मेहनत का दीप जलाओ अपने हाथों से, अंधेरे भी खुद-ब-खुद रास्ता देते हैं।