#दोस्ती शायरी
हिन्दी
वक्त की कसौटी
“
परखना चाहो तो वक्त पर परख लेना, आंधी में भी जो टिक जाए वो दरख्त लेना। दोस्ती में हिसाब किताब नहीं होता मेरे दोस्त, बस अपना सब कुछ इस पर शर्त लेना।
”
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