#बेवफा शायरी
हिन्दी
बदले हुए चेहरे
“
नकाब उतर ही गया आखिरकार एक दिन, जैसा सोचा था तुमको, वैसा पाया नहीं। हमने तो अपनी पूरी दुनिया बसा ली थी तुझमें, अफसोस तू इस काबिल कभी था ही नहीं।
”
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