#बेवफा शायरी
हिन्दी
अधूरा रिश्ता
“
एक दौर था जब तुम्हारी सांसे हमारी हुआ करती थीं, अब तो गैर भी हाल पूछने से कतराते हैं। किस्मत का खेल देखो या तुम्हारी बेरुखी, हमारे अपने ही हमें रुलाते हैं।
”
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