#बेवफा शायरी
हिन्दी
अश्कों की दास्तां
“
रात भर जागकर हमने अपने ही ख्वाब जलाए हैं, तुम्हारी बेवफाई के चर्चे अब हर गली सुनाए हैं। संभल जाना तुम भी इस फरेबी दुनिया में, हमने तो बस अपनों से ही जख्म खाए हैं।
”
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