✍️ रचनाकार: Site Admin
सपनों के पंख

सपनों के पंख

“
सपना देखो ऊँचा-ऊँचा,
मेहनत से उसे छू लो।
डर को पीछे छोड़ दो,
हिम्मत संग आगे बढ़ो।
”
👁️ 1 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

पाठकों की टिप्पणियाँ (Comments)

अभी कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुई है। पहले पाठक बनकर अपनी राय दें!

टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें।

संबंधित रचनाएँ (Related)

अन्य लोकप्रिय संग्रह

सामग्री रिपोर्ट करें