#कक्षा 4 कविताएँ
हिन्दी
✍️ रचनाकार: Site Admin
सपनों के पंख
“
सपना देखो ऊँचा-ऊँचा,
मेहनत से उसे छू लो।
डर को पीछे छोड़ दो,
हिम्मत संग आगे बढ़ो।
”
मेहनत से उसे छू लो।
डर को पीछे छोड़ दो,
हिम्मत संग आगे बढ़ो।
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