#कक्षा 4 कविताएँ
हिन्दी
✍️ रचनाकार: Site Admin
नदी सी सीख
“
पत्थर आए राह रोकें,
नदी मुड़कर निकल जाए।
रुकावट आए तो रास्ता बदलो,
रुकना नहीं सीखना।
”
नदी मुड़कर निकल जाए।
रुकावट आए तो रास्ता बदलो,
रुकना नहीं सीखना।
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