आकाश की ऊंचाइयां

आकाश की ऊंचाइयां

“
पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों में जान चाहिए,
खुले आसमान को छूने को एक उड़ान चाहिए।
👁️ 1 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

टिप्पणियाँ

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।

लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।

संबंधित शायरी (Related Shayari)