ट्रैफिक जाम

ट्रैफिक जाम

“
शहर के ट्रैफिक में फंसकर ऐसा महसूस होता है कि गाड़ियां आगे नहीं बढ़ रही हैं, बल्कि हम यहीं अपना नया घर बसाने वाले हैं।
👁️ 1 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

टिप्पणियाँ

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।

लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।

संबंधित शायरी (Related Shayari)