सफर-ए-हमसफर

सफर-ए-हमसफर

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मंजिल की परवाह किसे है इस खूबसूरत रास्ते पर, बस शर्त ये है कि तुम कदम से कदम मिलाकर चलो।
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खामोश मोहब्बत

तुम्हारी पलकों की छांव में जो सुकून मिलता है, वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलता। खामोश रहकर भी तुम बहुत कुछ कह जाते हो, दिल इस अदा पर तुम पर ही फिदा रहता है।

नजरों का जाम

तुम्हारी इन आंखों में कुछ तो बात है, तभी तो हर लम्हा हमारे लिए खास है। नजरें जब मिलती हैं हमसे यूं अचानक, लगता है जैसे कायनात हमारे साथ है।

खूबसूरत ख्यालात

रात के सन्नाटे में जब तेरी याद आती है, चाँदनी भी मुझे तुझसे मिलाने आ जाती है। हर ख्वाब में बस तेरा ही चेहरा नजर आता है, और ये दिल मुस्कुराता है।

नैनों का सफर

तेरी आँखों में डूब जाने को जी चाहता है, इन गहराइयों में खो जाने को जी चाहता है। तू पास हो तो वक्त ठहर सा जाता है, तुझसे ही हर सुबह और हर शाम सजाना है।