किस्मत की लकीर

किस्मत की लकीर

“
किस्मत की लकीरों से परे है अपना नाता, हर खुशी में तू मेरा हाथ बंटाता। खुदा से क्या मांगूं मैं इसके आगे, तू मिल गया तो सब कुछ पा जाता।
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