खामोशी की भाषा

खामोशी की भाषा

“
जुबान से कुछ कहो या ना कहो ए यार, तुम्हारी खामोशी भी समझ लेता है संसार। हमारी इस अनोखी सी यारी की मिसाल, देती है हमेशा यह महकती हुई बहार।
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