चट्टान जैसे इरादे

चट्टान जैसे इरादे

“
आंधियां चाहे जितनी तेज हों, चट्टानें कभी अपनी जगह नहीं छोड़तीं। अपने हौसलों को भी वैसा ही अटल रखो।
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